-
625
छात्र -
419
छात्राएं -
38
कर्मचारीशैक्षिक: 35
गैर-शैक्षिक: 03
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय, आर.के. पुरम सेक्टर-II (द्वितीय पाली ) एक उच्चतर माध्यमिक सह-शिक्षा विद्यालय है | जिसमें लगभग 822 छात्र और 35 योग्य और अनुभवी कर्मचारी हैं । इस विद्यालय को अग्रणी विद्यालयों में से एक होने का गौरव प्राप्त है यह दिल्ली के सबसे पुराने केन्द्रीय विद्यालयों में से एक है । 1964 (शिफ्ट-1) में अपनी स्थापना के पश्चात इस विद्यालय ने सभी दिशाओं में जबरदस्त प्रगति की है ।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
रक्षा तथा अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों सहित केन्द्रीय सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा के एक समान पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा प्रदान कर उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना । विद्यालयी शिक्षा को उत्कृष्टता के शिखर पर पहुँचाना । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को आरंभ करना और बढ़ावा देना।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
रक्षा तथा अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों सहित केन्द्रीय सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा के एक समान पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा प्रदान कर उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना । विद्यालयी शिक्षा को उत्कृष्टता के शिखर पर पहुँचाना । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को आरंभ करना और बढ़ावा देना।
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री वरुण मित्र
उप आयुक्त
“शिक्षा सोच को आकार देती है, चरित्र का निर्माण करती है और राष्ट्र को मज़बूत बनाती है।” तेज़ी से हो रही तकनीकी प्रगति और अभूतपूर्व बदलावों के इस दौर में, शिक्षा केवल ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है; यह चरित्र, रचनात्मकता, क्षमता और संवेदना को विकसित करने का माध्यम है। केंद्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, उत्कृष्टता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ, एक प्रगतिशील, समावेशी और जागरूक भारत की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय हमेशा से ही सीखने, अनुशासन, विविधता और राष्ट्रीय एकता के जीवित उदाहरण रहे हैं, जहाँ पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति, टेक्नोलॉजी और जीवन-कौशल पर भी ध्यान दिया जाता है। हमारी कोशिश ऐसे नागरिक तैयार करने की है जो आत्मविश्वासी, संवेदनशील, मुश्किलों का सामना करने वाले, ज़िम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार हों। इस सोच को ध्यान में रखते हुए, हमारे विद्यालय, शिक्षा का ऐसा श्रोत हैं जहाँ बच्चे सवाल पूछतें है , प्रयोग करते है , नई चीज़ें खोजते है , मिलकर काम करते है और कुछ नया सिखते और बनाते हैं । नई टेक्नोलॉजी नन्ही सोंच को सीखने में मदद करती है और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते है जो शिक्षार्थी को ज्ञान और उनके सपनों को कामयाबी में बदलने के लिए प्रेरित करते है। शिक्षक भविष्य के निर्माता और बदलाव लाने वाले होते हैं। नई शिक्षा निति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनका लगातार प्रोफेशनल डेवलपमेंट, पढ़ाने का नया और अनोखा तरीका और हर सीखने वाले के प्रति समर्पण बहुत ज़रूरी है। जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत’ के विज़न की ओर बढ़ रहे हैं, आइए हम हर केंद्रीय विद्यालय को क्रिएटिविटी, अच्छे चरित्र और क्षमता का केंद्र बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर बच्चा अपनी काबिलियत को पहचाने और हर शिक्षक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने में सक्षम हो। आइए, हम पूरे विश्वास, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ मिलकर एक ऐसा शैक्षिक माहौल बनाएं जहाँ हर सीखने वाला आगे बढ़ सके, हर प्रतिभा को निखरने का मौका मिले,हर सपने को सही दिशा मिले और वह सफलता के नए शिखरों को छुएँ। केन्द्रीय विद्यालय संगठन एक समृद्ध, प्रेरणादायी एवं समावेशी शिक्षण वातावरण प्रदान करता है, जहाँ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा ज्ञान, कौशल और मूल्यों से सुसज्जित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य को आकार देने के लिए निरंतर प्रेरित होते हैं। मैं, सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं सार्थक भविष्य की हार्दिक मंगलकामना करता हूँ। वे लगातार सीखते रहें, आगे बढ़ें, बेहतरीन प्रदर्शन करें और देश के विकास में सार्थक योगदान दें। जय हिंद!
और पढ़ें
श्री सत्य नारायण
प्राचार्य
मैं हमारे सामने आने वाले सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य को समझता हूं और उसकी सराहना करता हूं। एक बच्चे के भाग्य को आकार देना हममें से प्रत्येक के लिए बहुत गर्व की बात है। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति में दोहरे सामंजस्य की स्थापना करना है – “अपने स्वयं के भीतर सद्भाव और दुनिया में अन्य जीवित प्राणियों के साथ सद्भाव।“ इसलिए हमारा लक्ष्य हमेशा पाठ्यचर्या और सह-शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तित्व संवर्धन रहा है। शिक्षण एक कैरियर या पेशे से कहीं अधिक है। यह (शिक्षण) एक बच्चे को एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में ढालने और आकार देने की सबसे कठिन जिम्मेदारी है। मुझे यकीन है कि मेरे छात्र समाज के उत्पादक, बुद्धिमान और ईमानदार नागरिक बनेंगे। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए माता-पिता की सक्रिय भागीदारी और सहयोग अत्यंत आवश्यक होगा। हम उत्कृष्टता के नए आयाम तलाशने के लिए पूरे जोश के साथ प्रयास करते हैं ताकि हमारे छात्र आत्म-संयमी बन सकें और प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में शानदार प्रदर्शन कर सकें।
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
चीजों का अन्वेषण करें
शैक्षणिक योजनाकार
शैक्षणिक योजनाकार
शैक्षिक परिणाम
सीबीएसई परिणाम
बाल वाटिका
प्रारंभिक कक्षा
निपुण लक्ष्य
निपुण : समझदारी और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में दक्षता के लिए राष्ट्रीय पहल
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
विद्यार्थियों को सीखने में निरंतर सहयोग
अध्ययन सामग्री
छात्रों और शिक्षकों को विषय की बेहतर समझ प्राप्त करने के लिए शिक्षण सामग्री
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम
विद्यार्थी परिषद
छात्रों की आवाज़
अपने स्कूल को जानें
विद्यालय का आभासी दौरा
अटल टिंकरिंग लैब
गतिविधि आधारित शिक्षा
डिजिटल भाषा लैब
एक व्यापक ई-लर्निंग समाधान
आईसीटी – ई-क्लासरूम और प्रयोगशालाएं
विविध तकनीकी उपकरण
पुस्तकालय
ज्ञान संसाधन केंद्र
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
जिज्ञासा के इनक्यूबेटर
भवन एवं बाला पहल
बाला के अंतर्गत गतिविधियाँ
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
विद्यालय में एथलेटिक माहौल
एसओपी/एनडीएमए
सुरक्षित और आपदा प्रतिरोधी विद्यालय का निर्माण करना
खेल
स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रोत्साहन
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
स्काउट एवं गाइड गतिविधियाँ
शिक्षा भ्रमण
समग्र विकास
ओलम्पियाड
युवा प्रेरणा पहल
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
रचनात्मकता और नवीनता
एक भारत श्रेष्ठ भारत
अनेकता में एकता
हस्तकला शिल्पकला
रचनात्मकता और कल्पनाशीलता
मजेदार दिन
मनोरंजन के साथ गतिविधियाँ
युवा संसद
युवाओं के लिए नकली संसदीय व्यवस्था
पीएम श्री स्कूल
पीएम श्री स्कूल शोकेस
कौशल शिक्षा
यह छात्रों की कौशल दक्षता को पहचानने में मदद करता है
मार्गदर्शन एवं परामर्श
मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए सहायता
सामाजिक सहभागिता
आवश्यक मानव संसाधनों का विस्तार
विद्यांजलि
स्कूल स्वयंसेवक कार्यक्रम
प्रकाशन
के .वी. एस ई-प्रकाशन
समाचार पत्र
सीएमपी के अंतर्गत समाचार पत्र
विद्यालय पत्रिका
ई पत्रिका
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
मौज-मस्ती में कोण सीखें
कोणों की गतिविधि
यह गतिविधि छात्रों को कक्षा के चारों ओर देखने, उनके चारों ओर पांच कोणों को देखने और पहचानने के लिए कहती है।
और पढ़ेंहमारे विद्यालय के टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
सत्र 2025-26
उपस्थित 83 उत्तीर्ण 83
सत्र 2024-25
उपस्थित 69 उत्तीर्ण 69
सत्र 2023-24
उपस्थित 60 उत्तीर्ण 60
सत्र 2022-23
उपस्थित 66 उत्तीर्ण 66
सत्र 2025-26
उपस्थित 94 उत्तीर्ण 92
सत्र 2024-25
उपस्थित 82 उत्तीर्ण 79
सत्र 2023-24
उपस्थित 84 उत्तीर्ण 83
सत्र 2022-23
उपस्थित 133 उत्तीर्ण 128