शैक्षणिक श्रति पूर्ति कार्यक्रम (सीएएलपी)
स्कूल, रीजनल, नेशनल या दूसरे लेवल पर होने वाली अलग-अलग स्पोर्ट्स, कल्चरल, को-करिकुलर, एजुकेशनल और दूसरी एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेने की वजह से स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान न हो, यह पक्का करने के लिए विद्यालय में ‘एकेडमिक लॉस की भरपाई का प्रोग्राम’ (CALP) लागू किया जाता है।
पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए की जाने वाली मुख्य एक्टिविटीज़ में ये शामिल हो सकती हैं:
1. ऐसे स्टूडेंट्स की पहचान करना जिनकी रेगुलर क्लास अलग-अलग एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेने की वजह से छूट गई हैं।
2. हर सब्जेक्ट में छूटे हुए टॉपिक/चैप्टर की पहचान करना।
3. ज़ीरो पीरियड, फ्री पीरियड या रेगुलर स्कूल टाइम के बाद रिमेडियल और एक्स्ट्रा क्लास चलाना।
4. छूटे हुए हिस्सों के लिए वर्कशीट, असाइनमेंट और स्टडी मटीरियल देना।
5. जिन स्टूडेंट्स को एक्स्ट्रा एकेडमिक मदद की ज़रूरत है, उनके लिए पीयर लर्निंग (साथियों से सीखना) और पर्सनल सपोर्ट की व्यवस्था करना।
6. पढ़ाए गए कॉन्सेप्ट को पक्का करने के लिए रिवीज़न और प्रैक्टिस सेशन चलाना।
7. ज़रूरत पड़ने पर डिजिटल लर्निंग रिसोर्स और ऑनलाइन सपोर्ट देना।
8. पहचाने गए स्टूडेंट्स की एकेडमिक प्रोग्रेस की लगातार मॉनिटरिंग करना।
9. दी गई मदद कितनी असरदार रही, इस बारे में स्टूडेंट्स और टीचर्स से रेगुलर फ़ीडबैक लेना।
10. पढ़ाई के नुकसान, सुधार के उपायों और हुई प्रोग्रेस का सही रिकॉर्ड रखना।
KVS के एकेडमिक एक्शन प्लान में स्पोर्ट्स और दूसरी एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स की पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए ज़ीरो-पीरियड की व्यवस्था का भी खास तौर पर ज़िक्र है, साथ ही रिमेडियल क्लास, लगातार मॉनिटरिंग, क्षमता-आधारित प्रैक्टिस और फ़ीडबैक की भी बात कही गई है।
SAMAGAM पोर्टल इसी मकसद के लिए KVS की एक बेहतरीन पहल है।